shaantee by Dr Vatsala J Pande in Hindi Short Stories PDF

शान्ति

by Dr Vatsala J Pande in Hindi Short Stories

ओफ्फो शान्ति तुम कितनी दुष्ट हो ,मैं कितने वर्षो से सिर्फ ये चाह रहा हूँ की तुम कुछ पल, दिन मेरे साथ गुजारो, पर नहीं तुम तो मुझसे कोसो दूर भागती हो जैसे मैं कोई जिन हु और तुम्हे ...Read More