Aaspas se gujarate hue - 22 by Jayanti Ranganathan in Hindi Social Stories PDF

आसपास से गुजरते हुए - 22

by Jayanti Ranganathan Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

पंद्रह मिनट बाद मैं तैयार होकर बाहर निकली। आदित्य गाड़ी स्टार्ट कर चुके थे। मैं उनकी बगल की सीट पर जाकर ऐसे बैठ गई मानों बरसों से मैं यही करती आई हूं। आदित्य ने बात शुरू की, ‘तुम्हारे भैया, ...Read More