Jivansathi by Dr. Vandana Gupta in Hindi Short Stories PDF

जीवनसाथी

by Dr. Vandana Gupta Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

"सुनो! मैं तुम्हारा अपराधी हूँ। मैं जानता हूँ कि मैंने तुम्हारे साथ अन्याय किया है। जीवन के तीस बसंत तुमने मेरे इंतज़ार में गुजार दिए, उनको तो मैं नहीं लौटा सकता, किन्तु जीवन का यह अंतिम प्रहर मैं तुम्हें ...Read More