क्यूंकि वह आतंकी की माँ थी !

by Upasna Siag Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

अँधेरा गहरा होता जा रहा था। वह अब भीडरती -कांपती सी झाड़ियों के पीछे छुपी बैठी थी। तूफान तो आना ही था। चला गया आकर ! वह अभी भी छुपी थी। गर्दन घुटनों में दबा रखी थी। कानों में ...Read More