"परिणीता" कहानी में शेखर नामक युवक की शादी की चर्चा चल रही है। शेखर की माँ शादी के लिए मुहूर्त निश्चित करने से पहले चाहती हैं कि शेखर लड़की को देख ले। जबकि शेखर के पिता, नवीन राय, केवल धन-दौलत पर ध्यान केंद्रित करते हैं और संबंध को जल्द तय करना चाहते हैं। शेखर को अपनी माँ के आग्रह पर लड़की देखने जाना है, लेकिन वह थोड़े अनिच्छुक हैं। इस बीच, ललिता, जो शेखर की करीबी है, उससे मिलने आती है। वह शेखर से मजाक करते हुए कहती है कि वह बहू को देखने जा रहा है और पैसे लेने आई है। शेखर उसकी बातों का मजाक उड़ाता है, लेकिन ललिता को उनकी गहरी बातें समझ में नहीं आतीं। कहानी का अंत शेखर के चुपचाप अपने बिस्तर पर लेटे रहने से होता है, जब उसकी माँ वहां आती है। कहानी में परिवार की पारंपरिक सोच और युवा पीढ़ी की स्वतंत्रता की चाह को दर्शाया गया है। परिणीता - 2 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Moral Stories 44k 25k Downloads 35.6k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category Moral Stories Read Full Story Download on Mobile Description श्याम-बाजार के एक सुख-संपन्न भरपूर-वैभवशाली परिवार में शेखर की शादी की बात चल रही थी। वे लोग आज आए थे, विवाह मुहूर्त अगले माह ही निशिचत करने की बात कर गए हैं, लेकिन इस प्रस्ताव को शेखर की माँ ने शायद मंजूर नहीं किया। उन्होंने अंदर से एक नौकरानी द्वरा संदेश भिजवा दिया कि जब तक शेखर लड़की देख न आए और पसंद न कर आए, तब तक मुहूर्त कैसे ठीक होगा? नवीन राय की निगाह केवल घन-दौलत पर थी और शायद उन्हें उनके अनुमान से अधिक मिलता। उन्होंने मालकिन की यह बात सुनकर बड़ा क्रोध किया और कहा- ‘यह क्या कहती हो? लड़की देखने की क्या आवश्यकता? वह तो देखी ही है, पहले संबंध स्थापित हो जाने दो, फिर आशीर्वाद वाले दिन यदि शेखर चाहेगा तो देख आएगा, साथ ही और सभी लोग देख लेंगे।’ Novels परिणीता विचारों में डूबे हुए गुरूचरण बापु एकांत कमरे में बेठें थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा-‘बाबू! बाबू। माँ ने एक नन्हीं सी बच्ची को जन्म दिया है।’ यह शुभ... More Likes This टूटता हुआ मन - भाग 1 by prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 by archana क्या सब ठीक है - 1 by Narayan Menariya अम्मा - 1 by Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 by Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 by fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 by ARTI MEENA More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories