he madhukar by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems PDF

हे मधुकर...

by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems

1. हे मधुकरहे मधुकर थारो चरण पकड़ी के झुलहुँ।या चरनन के भगति बहुत हैं जो वा चरनन को छूलौ।।हे मधुकर थारो चरन पकड़ी के झुलहुँ...हे मधुकर थारो रंग म्हारे दिल को ले हैं छुलहुँ।या रंग के तो भगति बहुत ...Read More