Aakhar Chaurasi - 28 by Kamal in Hindi Social Stories PDF

आखर चौरासी - 28

by Kamal Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

अभी सतनाम बाहर वाले गेट तक ही पहुँचा था कि सामने से ग्वाला आता नज़र आया। सतनाम वहीं रुक गया। ग्वाले ने उसे डोल पकड़े देखा तो सब समझ गया। वैसे भी आज उसे काफी देर हो गयी थी। ‘‘क्या ...Read More