Shwet ka pyar by Dhaval Jansari in Hindi Poems PDF

'श्वेत' का प्यार

by Dhaval Jansari in Hindi Poems

प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता, ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता, दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की उस के बिना जिया नहीं जा सकता. तू नहीं और भी है मैखाने इस ...Read More