Manjali Didi - 3 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Moral Stories PDF

मंझली दीदी - 3

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Moral Stories

संध्या के समय कादम्बिनी ने पूछा, ‘क्यों रे किशन, वहां क्या खा आया?’ किशन ने बहुत लज्जित भाव से सिर झुकाकर कहा, ‘पूड़ी।’ ‘काहे के साथ खाई थी?’ किशन ने फिर उसी प्रकार कहा, ‘रोहू मछली के मूंड की तरकारी, सन्देश, रसगु...।’ ‘अरे ...Read More