Manjali Didi - 5 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Social Stories PDF

मंझली दीदी - 5

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

दूसरे दिन सवेरे ही किशन चुपचाप हेमांगिनी के घर पहुंचकर उसके बिस्तर पर पैरों की ओर जाकर बैठ गया। हेमांगिनी ने अपने पैर थोड़े से ऊपर खींच लिए और बड़े प्यार से कहा, ‘किशन, दुकान पर नहीं जाएगा?’ ‘अब जाऊंगा।’ ‘देर ...Read More