Biraj Bahu - 5 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Social Stories PDF

बिराज बहू - 5

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

दो दिन बाद नीलाम्बर ने पूछा- “बिराज! सुन्दरी दिखाई नहीं पड़ रही है।” बिराज ने कहा- “मैंने उसे निकाल दिया।” नीलाम्बर ने उसे मजाक समझा, कहा- “अच्छा किया, मगर उसे हुआ क्या?” “सचमुच मैंने उसे निकाल दिया।” “मगर उसे हुआ क्या?” नीलाम्बर को ...Read More