Biraj Bahu - 12 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Social Stories PDF

बिराज बहू - 12

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

पन्द्रह माह बीत गए... शारदीय-पूजा के आनन्द का अभाव चारों ओर दिख रहा है। जल-थल-पवन और आकाश सब उदास-उदास। दिन का तीसरा पहर। नीलाम्बर एक कम्बल ओढ़े आसन पर बैठा था। शरीर दुबला, चेहरा पीला-पीला। सिर पर छोटी-छोटी जटाएं तथा आँखों ...Read More