Kavitaaye by Ved Prakash Tyagi in Hindi Poems PDF

कवितायें

by Ved Prakash Tyagi Verified icon in Hindi Poems

मेरा गाँव कहीं खो गया सुंदर ताल, तलैया, बाग,सरोवर, बीच बसा था गाँव मनोहर। हर जाति के लोग बसे थे, बंटे हुए थे सबके काम। सब दिन भर मेहनत करते, रात में करते थे आराम, खेती करता था ...Read More