Meri kavitaaye by Rajesh Kumar in Hindi Poems PDF

मेरी कविताएं

by Rajesh Kumar in Hindi Poems

1.लिखता हूँ, डरता हूँ, डर डर कर लिखता हूँ।लिखने से पहले, हर बात समझता हूँ।इस अमोघ शस्त्र लेखनी से, हर बात सही तो लिखता हूँ।फिर मैं क्यों डरता हूँ?लिखता हूँ, डरता हूँ,डर डर के लिखता हूँ। बना ढाल लेखनी ...Read More