Asraar by Karishma Varlani in Hindi Poems PDF

असरार..

by Karishma Varlani in Hindi Poems

1). आरज़ू ...हूँ मदहोश सरहोश आज बेहोंश हूँ कहींहूँ खामोश पर मन्द ही मन्द कुछ कहती हूँ अभीसोचती हूँ लौट आऊँ ,लौट आऊँ तेरे करीब वहींवहीं जहां तू रहता है बसता है मेरा प्यार अब भी मुझमे कहींहम मिलकर ...Read More