Mahakaal mera by Shrimali Monty in Hindi Poems PDF

महाकाल मेरा

by Shrimali Monty in Hindi Poems

अब तो तु ही है मनझील मेरीऔर तु ही तो है सहारा मेरा....तेरे सीवा अपनाना कोइ था,ना कोइ है,और अब तो ना ही कोइ रहेगा मेरा....मेरी हर एक मुसीबत मेसीर्फ तुने ही थामा और सीर्फ तु ही थामेगा हाथ ...Read More