Manzilon ka daldal - 2 by Deepak Bundela AryMoulik in Hindi Classic Stories PDF

मंज़िलों का दलदल - 2

by Deepak Bundela AryMoulik in Hindi Classic Stories

गुंजन का रुदन तेज़ होते जा रहा था शायद उसे अपने किये पर पश्चाताप हो रहा था... शायद वो ये सोच रही थी इन आसुओं से उसका किया गया गुनाह धुल जाएगा.... तभी सीला ने गुस्से में गुंजन को ...Read More