समीक्षा - देह धरे को दण्ड- संपादक-सपना सिंह

by राजीव तनेजा in Hindi Book Reviews

अनछुए या फिर तथाकथित सामाजिक ताने बाने में वर्जित माने जाने वाले संबंधों से संबंधित विषयों पर जब भी कुछ लिखा गया होगा तो लेखक ने खुद को पहले अपनी आलोचना सहने के लिए मानसिक तौर पर तैयार कर ...Read More