Me aur mere ahsaas - 2 by Darshita Babubhai Shah in Hindi Poems PDF

में और मेरे अहसास - 2

by Darshita Babubhai Shah Matrubharti Verified in Hindi Poems

में और मेरे अहसास भाग २ खुद को खुद की कबर मे देखता हूं lफिर मे तेरी नजर में देखता हूं ll *** एक लम्हा तो गुजरता नहीं lलोग कैसे सदियों इतजार करते हैं ll *** रिसता दिल काहोना ...Read More