ख़ामोश प्यार।

by Nimisha in Hindi Poems

लो समय आ गया बिछड़ने काकर न सके हम कुछ अपनी बात।गई शाम आ गया प्रभातफैली अरूणिम आभा चहुं ओर। स्वर्णमय हो गया संसारऐसे सुंंदर अवसर परलो समय आ गया बिछुड़ने का।पहल कभी न की मैंनेमुझमें भी थी ...Read More