Moulik sher - 3 by Deepak Bundela AryMoulik in Hindi Poems PDF

मौलिक शेर - 3

by Deepak Bundela AryMoulik Matrubharti Verified in Hindi Poems

ये बिछड़ना भी किस काम का रहाना हम काम के रहे ना तुम काम के रहे... !------------जब से वो अनजान क्या हुएहम तो बेजान से हो गये... !--------------चलो ये भी इलज़ाम मान लेते हैंवे बफा तुम नहीं हम थे....!पर ...Read More