Naari Hu by Trisha R S in Hindi Women Focused PDF

नारी हूँ...

by Trisha R S in Hindi Women Focused

नारी हूँ... जरा ठहरो तो अपनी जथा कहूँ नारी हु.....सुन सकते हो तो, थोड़ी सी अपनी व्यथा कहूँ बात कुछ नयी नहीं है, चीरकाल पुरानी है बांध के रखा ह्रदय में पीड़ा वो तुझे सुनानी है ...Read More


-->