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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • ज़ख्मों की शादी - 12

    Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आव...

  • पांचाली: फाल्गुनी

    कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखि...

  • सीमाओं से परे - 4

    पता ही नहीं चला कि दो महीने का समय कैसे निकल गया। शादी की तैयारियों और खरीदारी म...

टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 32 By Jyoti Prajapati

अगली सुबह जब शहर की गलियों में लोग अपने काम के लिए निकल रहे थे, भूपेंद्र अपनी मर्यादा और संस्कारों की पोटली को श्मशान घाट पर छोड़कर सीधे शहर के एक नामी वकील के दफ्तर जा पहुँचा। उसकी...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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Between truth and lies By Alok Mishra

       Between Truth and LiesUma was married, around thirty-eight years old. A free-spirited woman. Her husband worked out of town and visited only occasionally each month. In trut...

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सपनों की डोली। - 4 By softrebel

_जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी थी ,उस रात विकास नगर के बादल ही नहीं नारायणी की आँखें भी बरस रही थीं। टिप टिप टिप...बिजली कड़कने की...

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त्रिशा... - 45 By palvisha

गुनगुन के आने के बाद त्रिशा और राजन के जीवन में खुशियां तो आई पर वहीं खुशियों के साथ  साथ  जिम्मेदारियां भी आई है दोनों पर। जहां एक ओर त्रिशा पर गुनगुन के आने के बाद उसकी देखभाल के...

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వైజయంతి మాల By Bk swan and lotus translators

భారతీయ చలనచిత్ర రంగంలో "నృత్య సామ్రాజ్ఞి"గా పేరుగాంచిన వైజయంతి మాల గారి సమగ్ర జీవిత విశేషాలు ఇక్కడ ఉన్నాయి:ప్రారంభ జీవితం మరియు నేపథ్యం * జననం: వైజయంతి మాల 1936, ఆగస్టు 13న మద్రాసు...

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દીકરીનું ઘર By Aadarsh Solanki

ભારે હૃદયે દરિયા-સા આંસુ સારતી આદ્યા હાથમાં મોટી સુટકેશ અને હૈયામાં અસંખ્ય શૂળ લઈ બસસ્ટેશને બસની રાહ જોતી ઊભી હતી. બસને આવવાની હજી વાર હતી. પ્લેટફોર્મ પર જ ઉભી રહીને તે કોઈ ઊંડા વે...

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સાવકી માં - 3 By Nirali Ahir

વીણા ની વાતો સાંભળી ગીતા બેન શાંત થઈ જતા પરંતુ અંદર ના વમળો ને શાંત ના કરી શકતા.     અમન જે ઓફિસમાં કામ કરતો એજ ઓફિસ માં એનો એક મિત્ર દેવ પણ કામ કરતો બન્ને વચ્ચે સારી એવી મિત્રતા હ...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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સમાજમાં સ્ત્રી વિષય ની વાતો By mamta

અત્યારે હાલમાં સમાજમાં એવી ઘણી વાતો છે જે આપણે સમજી નથી શકતા જે કહી નથી શકતા સમાજમાં ઘણા એવા લોકો હોય છે જે ઘણાને ટીકા મજાક કે તેને નાના માણસો કહીને ઠુકરાવે છે શું એ સમાજ બરોબર છે...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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PANCHALI: Phalguni By Sadhna Gautam

Copyright © 2026 by Sadhna GautamAll rights reserved. No part of this book may be reproduced, stored in a retrieval system, or transmitted in any form or by any means—electronic, m...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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पांचाली: फाल्गुनी By Sadhna Gautam

कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखिका की लिखित अनुमति के किसी भी रूप में—चाहे इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक, फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग या अन्य किसी...

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अंधी परी और भिखारी का रहस्य By Raju kumar Chaudhary

 अंधी परी और भिखारी का रहस्यएक पिता अपनी अंधी बेटी को बोझ समझकर एक भिखारी से उसका विवाह कर देता है।लेकिन उस अंधी लड़की को नहीं पता कि उसकी किस्मत जल्द ही एक अद्भुत मोड़ लेने वाली ह...

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नौकरानी की सच्चाई: जब छोटा आरव अदालत में खड़ा हुआ By Raju kumar Chaudhary

“चोरी के आरोप में नौकरानी अकेली अदालत में पहुँची तभी करोड़पति का बेटा खड़ा हुआ और बोला...”दस साल से भी ज़्यादा समय तक सीमा हर सुबह सूरज उगने से पहले उठ जाती थी ताकि राजगोपाल परिवार...

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மதுமிதா வேலைக்கு போகிறாள் By kattupaya s

காலை லேட் ஆக எழுந்திருக்கும் பழக்கம் மதுமிதாவுக்கு இல்லை. அன்றோடு 6 மாதங்கள் ஆகியிருந்தது மதுமிதா இன்ஜினியரிங் முடித்து. கம்ப்யூட்டர் சயின்ஸ் படிப்புதான் முடித்திருந்தாள் . அப்பா ர...

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प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल By Raju kumar Chaudhary

“प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल”"जिस पति ने मेरे पेट में बच्चा दिया, वो असल में मेरी दौलत का कातिल बनने की साजिश रच रहा था... क्या तुम भी ऐसे प्यार के जाल में फँस च...

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मेड की वर्दी में मालिक By Raju kumar Chaudhary

पति ने मुझे प्रमोशन पार्टी में नौकरानी बनाकर अपमानित किया… उसे क्या पता था कि उसी कंपनी की असली मालिक मैं हूँ!महँगी शराब की तीखी खुशबू, आयातित इत्र की महक, और झूमरों की सुनहरी रोशन...

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एक लड़की की ज़िंदगी By Varsha Dubey

एक छोटे से शहर में रहने वाली एक साधारण सी लड़की थी, जिसका नाम था आर्या। उसकी ज़िंदगी बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगती थी, लेकिन उसके अंदर कई ऐसे ख्वाब और संघर्ष छिपे थे, जिनके...

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सीमाओं से परे - 4 By ARTI MEENA

पता ही नहीं चला कि दो महीने का समय कैसे निकल गया। शादी की तैयारियों और खरीदारी में दिन कब बीत जाते, किसी को एहसास ही नहीं होता था।घर में हर तरफ शादी की बातें चल रही थीं। कभी कपड़ों...

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सन्नाटे में चीखती मुस्कान By Raju kumar Chaudhary

रात के सन्नाटे में सुमन करवट बदलकर रवि को धीमे से पुकारती है, सूजे हुए पैरों और कमर के लगातार दर्द के बारे में भर्राई आवाज़ में कहती है, जिसकी हर लफ़्ज़ में दबी हुई कराह छिपी है… ल...

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स्त्रीतत्त्वम् By Vedanta Life Agyat Agyani

      स्त्रीतत्त्वम् — नया अध्याय   संवेदना ही स्त्री की मौलिकता है   — AgyaT Agyani     प्रारम्भिक सूत्र   स्त्री की मौलिकता संवेदना है —न पुरुष का स्वभाव,न पुरुष की उपलब्धि,...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 32 By Jyoti Prajapati

अगली सुबह जब शहर की गलियों में लोग अपने काम के लिए निकल रहे थे, भूपेंद्र अपनी मर्यादा और संस्कारों की पोटली को श्मशान घाट पर छोड़कर सीधे शहर के एक नामी वकील के दफ्तर जा पहुँचा। उसकी...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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Between truth and lies By Alok Mishra

       Between Truth and LiesUma was married, around thirty-eight years old. A free-spirited woman. Her husband worked out of town and visited only occasionally each month. In trut...

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सपनों की डोली। - 4 By softrebel

_जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी थी ,उस रात विकास नगर के बादल ही नहीं नारायणी की आँखें भी बरस रही थीं। टिप टिप टिप...बिजली कड़कने की...

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त्रिशा... - 45 By palvisha

गुनगुन के आने के बाद त्रिशा और राजन के जीवन में खुशियां तो आई पर वहीं खुशियों के साथ  साथ  जिम्मेदारियां भी आई है दोनों पर। जहां एक ओर त्रिशा पर गुनगुन के आने के बाद उसकी देखभाल के...

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వైజయంతి మాల By Bk swan and lotus translators

భారతీయ చలనచిత్ర రంగంలో "నృత్య సామ్రాజ్ఞి"గా పేరుగాంచిన వైజయంతి మాల గారి సమగ్ర జీవిత విశేషాలు ఇక్కడ ఉన్నాయి:ప్రారంభ జీవితం మరియు నేపథ్యం * జననం: వైజయంతి మాల 1936, ఆగస్టు 13న మద్రాసు...

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દીકરીનું ઘર By Aadarsh Solanki

ભારે હૃદયે દરિયા-સા આંસુ સારતી આદ્યા હાથમાં મોટી સુટકેશ અને હૈયામાં અસંખ્ય શૂળ લઈ બસસ્ટેશને બસની રાહ જોતી ઊભી હતી. બસને આવવાની હજી વાર હતી. પ્લેટફોર્મ પર જ ઉભી રહીને તે કોઈ ઊંડા વે...

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સાવકી માં - 3 By Nirali Ahir

વીણા ની વાતો સાંભળી ગીતા બેન શાંત થઈ જતા પરંતુ અંદર ના વમળો ને શાંત ના કરી શકતા.     અમન જે ઓફિસમાં કામ કરતો એજ ઓફિસ માં એનો એક મિત્ર દેવ પણ કામ કરતો બન્ને વચ્ચે સારી એવી મિત્રતા હ...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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સમાજમાં સ્ત્રી વિષય ની વાતો By mamta

અત્યારે હાલમાં સમાજમાં એવી ઘણી વાતો છે જે આપણે સમજી નથી શકતા જે કહી નથી શકતા સમાજમાં ઘણા એવા લોકો હોય છે જે ઘણાને ટીકા મજાક કે તેને નાના માણસો કહીને ઠુકરાવે છે શું એ સમાજ બરોબર છે...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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PANCHALI: Phalguni By Sadhna Gautam

Copyright © 2026 by Sadhna GautamAll rights reserved. No part of this book may be reproduced, stored in a retrieval system, or transmitted in any form or by any means—electronic, m...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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अंधी परी और भिखारी का रहस्य By Raju kumar Chaudhary

 अंधी परी और भिखारी का रहस्यएक पिता अपनी अंधी बेटी को बोझ समझकर एक भिखारी से उसका विवाह कर देता है।लेकिन उस अंधी लड़की को नहीं पता कि उसकी किस्मत जल्द ही एक अद्भुत मोड़ लेने वाली ह...

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नौकरानी की सच्चाई: जब छोटा आरव अदालत में खड़ा हुआ By Raju kumar Chaudhary

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மதுமிதா வேலைக்கு போகிறாள் By kattupaya s

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प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल By Raju kumar Chaudhary

“प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल”"जिस पति ने मेरे पेट में बच्चा दिया, वो असल में मेरी दौलत का कातिल बनने की साजिश रच रहा था... क्या तुम भी ऐसे प्यार के जाल में फँस च...

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मेड की वर्दी में मालिक By Raju kumar Chaudhary

पति ने मुझे प्रमोशन पार्टी में नौकरानी बनाकर अपमानित किया… उसे क्या पता था कि उसी कंपनी की असली मालिक मैं हूँ!महँगी शराब की तीखी खुशबू, आयातित इत्र की महक, और झूमरों की सुनहरी रोशन...

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एक लड़की की ज़िंदगी By Varsha Dubey

एक छोटे से शहर में रहने वाली एक साधारण सी लड़की थी, जिसका नाम था आर्या। उसकी ज़िंदगी बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगती थी, लेकिन उसके अंदर कई ऐसे ख्वाब और संघर्ष छिपे थे, जिनके...

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सीमाओं से परे - 4 By ARTI MEENA

पता ही नहीं चला कि दो महीने का समय कैसे निकल गया। शादी की तैयारियों और खरीदारी में दिन कब बीत जाते, किसी को एहसास ही नहीं होता था।घर में हर तरफ शादी की बातें चल रही थीं। कभी कपड़ों...

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सन्नाटे में चीखती मुस्कान By Raju kumar Chaudhary

रात के सन्नाटे में सुमन करवट बदलकर रवि को धीमे से पुकारती है, सूजे हुए पैरों और कमर के लगातार दर्द के बारे में भर्राई आवाज़ में कहती है, जिसकी हर लफ़्ज़ में दबी हुई कराह छिपी है… ल...

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स्त्रीतत्त्वम् By Vedanta Life Agyat Agyani

      स्त्रीतत्त्वम् — नया अध्याय   संवेदना ही स्त्री की मौलिकता है   — AgyaT Agyani     प्रारम्भिक सूत्र   स्त्री की मौलिकता संवेदना है —न पुरुष का स्वभाव,न पुरुष की उपलब्धि,...

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