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एक रिश्ता ऐसा भी (भाग १)
by Ashish Dalal
  • 255

एक रिश्ता ऐसा भी (भाग १) स्कूल प्रांगण में प्रवेश करने का एक मात्र यही रास्ता था । पिछली रात हुई जोरदार बारिश की वजह से पूरा रास्ता टूट ...

अभिव्यक्ति - दहलीज के पार
by Yatendra Tomar
  • 219

एक आम भारतीय गृहिणी की तरह रजनी भी अपने घर को पूरी जिम्मेदारी के साथ संभालतीं है हर दिन सुबह सूरज से पहले उठ कर देर रात तक घर ...

बिबटया
by संदिप खुरुद
  • 312

बिबटया               गेल्या महिनाभरापासून बालाघाटाच्या डोंगररांगेत व परिसरात बिबटया आल्याची जोरदार चर्चा सुरु होती. बहरात आलेल्या ‍पिकांना ‍दिवसा लाईट नसल्यामुळे रात्री पाणी देण्यासाठी जाणाऱ्या शेतकऱ्यांमध्ये ‍ भितीचे वातावरण ...

यह मेरा हक़ है
by किशनलाल शर्मा
  • 414

"भाभी ----इरफान  हांफता हुआ दौड़ा दौड़ा आया था,"अनवर ज़िंदा है।""कौन अनवर?""अनवर को नही जानती।भूल गई।तुम्हारा पहला शौहर।""भाभी से मजाक कर रहे हो।"सलमा जानती थी उसका देवर इरफान मजाकिया है ...

दुल्हन....
by Saroj Verma
  • 756

रिमझिम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे,वो बस में बैठी यही सोच रही थी कि काश आज उसके पास पंख होते तो वो  उड़कर अपने ननिहाल ...

Pitfalls of Premarital Sex
by BS Murthy
  • 309

While Roopa resembled a flower at dawn with its dew on, her complexion of tan was in consonance with the radiance of her velvet skin. Even as her vivacious ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 9
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 444

स्तुति के आसूं भरे चेहरे पर, सुनीता जी अपने आसुओं से भरी आंखों में प्यार भरकर , उसे प्यार से देखती है और फिर उसे गले से लगा लेती ...

आखिर क्यों ?
by Sunita Agarwal
  • 651

पंद्रह लोगों का भरा पूरा परिवार था, जिस घर में सीमा ब्याहकर आई थी।सुबह पांच बजे से चूल्हा जलता तो दिन के दो बजे तक जलता ही रहता और ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 8
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 396

आखिरी लाइन कहकर सुनीता जी फिर शांत हो जाती हैं , तो स्तुति उन्हें आगे बताने के लिए कहती है । वो अपने आसूं साफ कर आगे कहती हैं ...

मुक्ति
by Rohit Kishore
  • 459

भाग 1.) सुहाना सफर दिल्ली की सर्दियों की सुहानी सुबह की बात ही कुछ और है,आपको लेकर चलते है एक मल्टी नेशनल कंपनी Comsoft प्राइवेट लिमिटेड में जिसके CEO है ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 7
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 504

सुनीता जी अपने आखों के किनारे साफ करती हैं और फिर स्तुति से बताती हैं । सुनीता जी - तुम्हारी दोस्त ( आभा ) छः महीने की थी बेटा ...

नारी सशक्तिकरण
by नाथूराम जाट
  • 531

मेरे कहने से कुछ बदल जाता तो मैं सब कुछ सबसे पहले कहती की, नारी अब वो नहीं रही की जो सब सह लेती थी बिना कुछ कहे। आज ...

ગણિકા - શ્રાપ કે શરૂઆત? - 30 - શ્રાપનો અંત એક નવી શરૂઆત
by Ankit Chaudhary શિવ
  • (26)
  • 768

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आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 6
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 717

आभा कुछ देर और मानव , परिधि और उनके बच्चों से बात करती है, फिर फोन कट करके , खाना खा कर अपने स्कूल का कुछ जरूरी काम कर ...

રજસ્વલા
by NIKETA SHAH
  • 570

અચાનક સ્કૂલ સમયમાં જ ચાલુ કલાસમાં ઈશાનીને ઋતુસ્રાવ શરૂ થઈ ગયો.બિચારી પંદર વષૅની ઈશાની બધાની વચ્ચે ખૂબ ગભરાઈ ગઈ. તેને પોતાની ખાસ સહેલી જે જોડે જ બેઠી હતી. એને ...

लड़की का हक़
by Neelima Sharrma Nivia
  • 648

क्या  कहूँ ?अब  तो थक गयी हूँ मैं  .  जिस घर से ब्याही जाती हैं ना लड़कियाँ  वहाँ से डोली उठते ही घर पराया हो जाता हैं  । जिस ...

ગણિકા - શ્રાપ કે શરૂઆત? - 29 - નામકરણ - 3
by Ankit Chaudhary શિવ
  • (21)
  • 684

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आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 5
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 864

शाम के करीब सात बज रहे थे और आभा का फोन बार - बार रिंग होकर कट रहा था । आभा गहरी नींद में थी । लेकिन फिर फोन ...

“મા”ના અસ્તિત્વની મારી કલ્પના
by आचार्य जिज्ञासु चौहान
  • 318

એક બાળક જન્મે ત્યારે એની લંબાઈ લગભગ 50 સેમી અને માતાની લગભગ 150, 160 સેમી હોય છે. એટલે બાળક કરતા માતા લગભગ 3 ગણી ઊંચી હોય છે. એ વખતે ...

ગણિકા - શ્રાપ કે શરૂઆત? - 28 - નામકરણ - 2
by Ankit Chaudhary શિવ
  • (21)
  • 648

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आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 4
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 756

अब दौर शुरू हुआ बेहिसाब बेज्जती का , आभा और उसके परिवार की । लड़के की मां आभा के पास आयी, और जैसे ही अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाने ...

જીવન રંગ
by Yk Pandya
  • 180

જરા શાંતી રાખ રમીલા આટલો બધો ગુસ્સો સારો ના કેવાય જરા કીસન ને ધરે તો આવા દે પૂરી વાત તો જાણવા દે, રશોડા માંથીઆવતા વાસણ ના ખડખડાહટ થી ચીંતીત  સ્વરે કરસન ભાઇ બોલ્યા, જે થસે તે સારા માટે જ થસે ભરોસો રાખ દ્વારકાઘીશ પર બોલીલાંબી ખાંસી ખાધી કરસન ભાઈ એ.હસે હવે ર

आन्या का ससुराल - 4
by Riya Jaiswal
  • 1.2k

आन्या मांजी के साथ बेटी लेकर हॉस्पिटल से घर आई। उसे और उसकी बच्ची को नहलाकर उनके रहने के लिए अलग कमरे में व्यवस्था कराया गया। डिलीवरी का पहला ...

ગણિકા - શ્રાપ કે શરૂઆત? - 27 - નામકરણ
by Ankit Chaudhary શિવ
  • (25)
  • 768

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आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 3
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 1k

आभा अपने स्कूल का सारा जरूरी काम खत्म कर घर की ओर चल दी । उसने अपने घर के दरवाजे पर कदम रखा ही था , कि उसे अपने ...

हौसला
by Neelima Kumar
  • 786

    इतिहास में गुज़रे कुछ पल ऐसे होते हैं जिन्हें बिना किसी वज़ह के आप कभी साझा नहीं करना चाहते और मेरे इन पलों को वज़ह दी थी ...

ગણિકા - શ્રાપ કે શરૂઆત? - 26 - કેશાવનો જન્મ
by Ankit Chaudhary શિવ
  • (25)
  • 754

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नई सुबह
by Sunita Agarwal
  • 1.6k

आज रोहन और उनकी पत्नी रागिनी सुबह से ही बहुत उत्साहित थे।हो भी क्यों न आज पूरे 12 बर्ष बाद उनका पोता रितिक जो घर आने वाला था।रागिनी सुबह ...

आभा.…...( जीवन की अग्निपरीक्षा ) - 2
by ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 816

     आभा......( जीवन की अग्निपरीक्षा ) ( भाग - 2 ) बेसब्री से खुद को ताक रहे स्टूडेंट्स को देखते हुए प्रिंसिपल मैम बोलीं । प्रिंसिपल मैम - ...

અવનિશા - ભાગ -1
by Hetal Chaudhari
  • 370

       અવનિશા ભાગ - 1             અવનિશા જ્યારે જ્યારે પોતાનો ચહેરો અરીસામાં જોતી જાતે જ છળી ઉઠતી, તે રાતની ભયાનકતા અને દર્દ આંસુ ...