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  • सत्य पथ पर चलो

    ऋगुवेद सूक्ति--(२७) की व्याख्या  मन्त्र —“मा प्रगाम पथोवयम्”  ऋग्वेद_ १०.५७.१भाव...

  • Honted Jobplace - 7

    ऑफिस का मेन गेट। रात के 11:15 बज चुके हैं। बाहर तेज़ हवा चल रही है, बिजली चमक रह...

  • कागज़ के सामने हारता इंसान - बोधार्थी रौनक़ ।

    कागज़ के सामने हारता इंसान गाँव की पगडंडी पर धूल वैसे ही उड़ती है जैसे वर्षों से...

  • అసంపూర్ణ కావ్యం - 6

    వెన్నెల మాటలకు ముగ్ధుడైన కిషోర్, ఆమె వైపు ఆరాధనగా చూస్తూ ఉండిపోయాడు. ప్రకృతిలో ఇ...

  • The Ghost (Self-talker)

    A person who talks to themselves more than others.   The other engineers at Nexu...

  • শ্মশানঘাটের প্রেম

    চাঁদপুরা নামে ছোট্ট একটা গ্রাম ছিল, চারদিকে সবুজ মাঠ আর এক কোণায় পুরনো একটা শ্মশ...

  • રઘુવંશ - ભાગ 1

    "તમે રામકથા તો જાણી છે, પણ શું તમે એ ૧૦૦ પ્રતાપી રાજાઓને ઓળખો છો જેમના પુણ્યપ્રત...

  • ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ - 23

    ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಕಲ್ಪಳ್ಳಿ ಸ್ಮಶಾನದ ಆ ಹಳೆಯ, ಗಾಳಿಬಂದಾಗ ಕೆಟ್ಟದಾಗಿ ಶಬ್ದ ಮಾಡುವ ಅಶ್ವತ್ಥ ಮರದ ಕೆ...

  • जाणता अजाणता

    मानस..?मानस!! काय करतोयस?" मानस बसलेला दिसला कॉलेज समोरच्या गवतावर, म्हणून त्याच...

  • మధురానగరిలో మురళీ గానం భాగం - 23

    బైక్ తీసి వస్తూ ఆగి ఫోన్ చేసాడు నందనకి కృష్ణ.ఎత్తలేదు నందన.నీకు మామూలుగా పడకూడదే...

ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ಪರದೆ ಸರಿಯುವ ಕ್ಷಣ. ಆಕಾಶದಿಂದ ಬೀಳುತ್ತಿದ್ದ ಮಳೆಯ ಹನಿಗಳು...

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మధురానగరిలో మురళీ గానం భాగం By Radhika Lakshmi

యంత్రం ఐదు గంటలు................వాతావరణం చాలా చల్లగా ఆహ్లాదకరంగా ఉంది....

రోడ్డు మీద వెళ్తున్న వెహికల్స్నడుచుకుంటూ ఇళ్ళకు చేరుతున్న జనం,

అలసిపోయి ఆ చల్లటి గాలికి సేద తీరుతూరే...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...

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ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ಪರದೆ ಸರಿಯುವ ಕ್ಷಣ. ಆಕಾಶದಿಂದ ಬೀಳುತ್ತಿದ್ದ ಮಳೆಯ ಹನಿಗಳು...

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మధురానగరిలో మురళీ గానం భాగం By Radhika Lakshmi

యంత్రం ఐదు గంటలు................వాతావరణం చాలా చల్లగా ఆహ్లాదకరంగా ఉంది....

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అలసిపోయి ఆ చల్లటి గాలికి సేద తీరుతూరే...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...

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