Bhediye by Roop Singh Chandel in Hindi Women Focused PDF

भेड़िये

by Roop Singh Chandel in Hindi Women Focused

भेड़िये ठंड कुछ बढ़ गई थी. बौखलाई-सी हवा हू-हू करती हुई चल रही थी. उसने शरीर पर झीनी धोती के ऊपर एक पुरानी चादर लपेट रखी थी, लेकिन रह-रहकर हवा के तेज झोंके आवारा कुत्ते की तरह दौड़ते हुए ...Read More