Life embrace us by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Poems PDF

ज़िन्दगी गले लगा ले तू

by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Poems

जिन्दगी गले लगा ले तूख़ामोशी के आग़ोश में समाती दुनियाँ कहीं माँ -बाप तो कहीं कराहती मुनियांराष्ट्रीय नहीं अन्तर्राष्ट्रीय भय सिसकियाँ देश देश लांघती मौत से लड़ती ज़िन्दगियाँ हर चेहरे के ख़्वाब हो रहे तार तार,वायरस की मार चारों ...Read More