surakh se jhankti jindagi by Dr. Vandana Gupta in Hindi Philosophy PDF

सुराख से झाँकती ज़िंदगी

by Dr. Vandana Gupta Matrubharti Verified in Hindi Philosophy

मम्मा से लड़कर, गुस्सा होकर अपनी सहेली के घर गयी स्वरा तुरन्त ही लौट आयी थी . रह रहकर दोनों घरों की तस्वीर उसकी आँखों के सामने फ़िल्म की तरह चल रही थी.. एक तरफ अपनी जिद, अपना गुस्सा, ...Read More