Hone se n hone tak - 11 by Sumati Saxena Lal in Hindi Social Stories PDF

होने से न होने तक - 11

by Sumati Saxena Lal Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

होने से न होने तक 11. चलने से पहले आण्टी ने एक लिफाफा मेरी तरफ बढ़ाया था। ‘‘यह क्या है आण्टी ?’’मैंने पूछा था। ‘‘यह चार हज़ार रुपए हैं। नौकरी ज्वायन करने से पहले अपने कुछ कपड़े बनवा लो। ...Read More