meri bhool ka ahsaas by SARWAT FATMI in Hindi Poems PDF

मेरी भूल का एहसास

by SARWAT FATMI in Hindi Poems

एहसासतेरा एहसास हर पल हैंपर क्यू इस एहसास में भी तूम नहीं होसाथ थे तो दूर दूर थेअब दूर दूर हो तोएहसास में भी नहीं होगलती हो तो सुधार लूपर गलती अगर तूम रहे तो?होंगी मुलाक़ात तुमसेतो पूछूंगी आराम ...Read More