shayri - 7 by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems PDF

शायरी - 7

by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems

कुछ इस तरह हो गई है ज़िन्दगी किमीठी तो सुगर थी और तारीफ चाय की होती रहीये कैसा दस्तूर है दुनिया का ये देख कर प्याला भी हैरान हैलोग जिसके बिना चाय को पी भी नहीं सकता अक्सर उसे ...Read More