aatm raksha by डिम्पल गौड़ in Hindi Short Stories PDF

आत्म रक्षा

by डिम्पल गौड़ in Hindi Short Stories

मूसलाधार बारिश । सुनसान रास्ता । आज ऑफिस में मीटिंग देर तक चली थी । शुभ्रा जब ऑफिस से निकली थी तो हल्की बूंदाबांदी हो रही थी ।अपने भीने केश एक साथ लपेटते हुए वह गाड़ी में बैठ गई ...Read More