Wo bhudhi aurat by इंदर भोले नाथ in Hindi Motivational Stories PDF

वो बूढ़ी औरत

by इंदर भोले नाथ in Hindi Motivational Stories

वो बुढी़ औरतरोज सुबह ड्यूटी पे जाना रोज शाम लौट के रूम पे आना, ये रूटीन सा बन गया था, मोहन के लिये।हालाँकि रूम से फैक्ट्री ज़्यादा दूर नहीं था, तकरीबन१०-१५ मिनट का रास्ता है। मोहन उत्तर प्रदेश का ...Read More