Best motivational stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

मम्मी पढ़ रही हैं - 4 - अंतिम भाग
by Pradeep Shrivastava verified
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उसकी इस बात से मैं एकदम से हार गई खुद से। और नमन पर एक नज़र डाल कर कहा बेटा मन लगाकर पढ़ना नहीं टीचर जी डांटेंगे। मैं ऊपर ...

પ્રેમ - 3
by મનસુખભાઈ મીસ્ત્રી .
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રેખા આજે કૉલેજ વહેલી આવીહતી. તેણે મનોજને મલવા માટે પ્રોમીસ આપ્યું હતુ. મનોજ કાયમ રેખાની આઞળ પાછળ ફરતો હતો  પણ રેખાને સામેથી કહેવાની હિંમત કરતો નહીં.  એક દિવસ તેણે  ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 12
by Dr Vinita Rahurikar
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और तभी परम को लगने लगा उसके मन में तनु को लेकर कोमल भावनाएँ और ईच्छाएँ जन्म लेने लगी हैं। अपने आप में ये ईच्छाएँ बहुत पवित्र और नाजुक ...

એમ્બ્યુલન્સ...
by DINESHKUMAR PARMAR
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એમ્બ્યુલન્સ. . વાર્તા…. દિનેશ પરમાર નજર -----------------------------------------------------------બસ  એટલી  સમજ મને  પરવર દીગાર દેસુખ જ્યાંને જ્યારે મળે ત્યાં બધાના વિચાર દે                       ...

मम्मी पढ़ रही हैं - 3
by Pradeep Shrivastava verified
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रिसीव करूं न करूं यही सोचते-सोचते रिंग खत्म हो गई। इसके बाद ऐसा तीन बार हुआ।कॉल रिसीव न करने पर उसने एस.एम.एस. किया कि फ़ोन नहीं उठाएंगी तो मैं ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 11
by Dr Vinita Rahurikar
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विवाह का मतलब सिर्फ दो जिस्मों का एक होना ही तो नहीं होता। दो मानसिक धरातलों का एक होना भी तो जरूरी है। दो बौद्धिक स्तरों का एक होना ...

चिंतन
by Ajay Kumar Awasthi
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डर और संशय यदि है तो अभियान के पूरा होने की संभावना कम रहती है । संशय वर्तमान में जीने नही देता । संशय वर्तमान के सुख से वंचित ...

मम्मी पढ़ रही हैं - 2
by Pradeep Shrivastava verified
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ड्रॉइंगरूम में उसे उम्मीदों के अनुरूप नमन पढ़ता मिला। पूछने पर उसने फिर कहा ‘मम्मी ऊपर टीचर जी से पढ़ रही हैं।’ यह सुनकर हिमानी ने मन ही मन ...

वैरण भाग-II
by Subhash Mandale
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वैरण भाग-II  बादलीतून पाणी घेऊन तो म्हशींच्या जवळ आला.त्यांना पाणी पाजले.पुन्हा डोक्याला हात लावून विचार करत बसला.विचाराचा एकच प्रश्न 'वैरण'.काही सुचत नव्हते.डोक्यात विचारांचं काहूर माजले होते.डोकं फुटायची वेळ ...

मेरे खुदा - तू ही है हर जगह
by Deepti Khanna
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यह कहानी है सच ,जो सुनाऊं मैं आज इस मंच के माध्यम से आज l खाए धोखे मैंने हजार , लोगों ने ताने मार मार तोरा मेरा आत्मविश्वास l ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 10
by Dr Vinita Rahurikar
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दोनों बहुत सारी बाते करते। अक्सर ही परम अपने स्कूल कॉलेज के दिनों की बातें बताता कि कैसे वह स्कूल और मुहल्ले में मारपीट करने के लिए बदनाम था। ...

5 Essential Items That Money Can’t Buy
by Rahul Desai
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Thing money can’t buy, is an article written for people to understand the difference between what money can buy and what it can’t. In the generation of glamor and ...

મારી વ્યથા - ૨
by Nidhi Makwana
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હવે આગળ,     જ્યાંરે મારી દીકરી બે વર્ષ ની હતી ને ત્યારે તેની માતા મૃત્યુ પામી હતી. પરંતુ મે ક્યાંરે પણ એને એની માતા ની ખોટ આવવા દીધી નથી. ...

मम्मी पढ़ रही हैं - 1
by Pradeep Shrivastava verified
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कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो? - ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो? - मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज ...

ક્યારેય હાર ન માનો - 1
by Amit R. Parmar
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       માની લ્યો કે કોઇ બે વ્યક્તી છે જેમને ચીત્રો દોરતા બીલકુલ આવળતુ નથી અને તેઓ સાથે બેસીને ચીત્ર દોરવાનો પ્રયત્ન કરી રહ્યા છે. હવે દેખીતુજ છે ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 9
by Dr Vinita Rahurikar
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तनु उसी समय केंप के पास आयी। कृष्णन ने उसे हादसे के बारे में बताया। सुनकर तनु को भी बहुत बुरा लगा। बिना उसे कुछ पूछे ही कृष्णन ने ...

પ્રેમ - 2
by મનસુખભાઈ મીસ્ત્રી .
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રમીલા આજે સુડતાલીસ વરસની ઉંમરે  પહોંચી છે. તે સવારની ચ્હા પીતા પીતા  વિચાર કરેછે. કે આ કેવા સંજોગો ઊભા થયાં  છે. જો નસીબ મારી સાથે હોત તો રાજુ મને ...

वो फरिश्ता
by Renu Gupta
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यह कहानी टाइम्स गृप के समाचारपत्र सांध्य टाइम्स में 10 अक्तूबर, 2019 को प्रकाशित हो चुकी है।                                       वो फरिश्ता  “अंकल, आपने आज राखी क्यों नहीं बांधी? देखिये, मैंने ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 8
by Dr Vinita Rahurikar
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केंप आ गया था। तनु की ओर बिना देखे परम जल्दी से अंदर चला गया। राणा, रजनीश, अमरकांत, कृष्णन सब के सब स्लीपिंग बैग्स पर औंधे पड़े थे। परम भी ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 25 - Last Part
by Mohd Arshad Khan
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दो दिन बाद पंद्रह अगस्त था। आतिश जी पार्क में अकेले खड़े थे। बीती हुई यादें मन में उमड़-घुमड़ रही थीं। पहले पंद्रह अगस्त की तैयारियों में सभी लोग जुटते ...

રીએકશન
by Pankaj Rathod
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         આપણે ક્યારે પણ કોઈ પર કારણ અથવા તો કારણ વગર કોઈના પર ગુસ્સે થતા હોઈએ છીએ. ગુસ્સે થઈ એ ત્યારે હંમેશા આપણને સામેના વ્યક્તિ નો ...

આત્મહત્યા
by Hardiksinh Barad
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"આત્મહત્યા".....!!! આ એક શબ્દ કહું, વિચાર કહું કે એક અંતિમ રસ્તો..!? વિશ્વમાં આજે સૌથી વધુ આત્મહત્યા આપણા ભારતમાં નોંધાય છે. કેવી ગર્વ લેવા જેવી વાત છે નહીં!?? એથી મોટી ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 7
by Dr Vinita Rahurikar
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परम क्षणभर में ही पलट कर कृष्णन के साथ हेलीकॉप्टर में बैठ गया। अमरकांत भी आ गया। तीनों फिर डयूटी पर लग गये। रिपोर्टर अपने कैमरों से शूट लेने ...

6 Common Reasons For Giving Up Life Goals
by Rahul Desai
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Giving up life goals is the common statement we hear from many people around us.Everybody has a goal in life to achieve. Some succeed and some fail. Well, we ...

શરમ સંકોચ છોડો
by Amit R. Parmar
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      ૧૨ મા ધોરણમા અભ્યાસ કરતો એક વિદ્યાર્થી ખુબજ શરમાળ હતો. તે આખો દિવસ ચુપચાપ બેઠો રહેતો અને કોઈની સાથે વાત કરતો નહિ. અરે ! વાત કરવાનુતો ...

मौजो से भिड़े हो पतवारें बनो तुम
by Ajay Amitabh Suman verified
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(1)    मौजो से भिड़े हो पतवारें बनो तुम   मौजो से भिड़े  हो ,पतवारें बनो तुम,खुद हीं अब खुद के,सहारे बनो तुम। किनारों पे चलना है ,आसां बहुत ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 24
by Mohd Arshad Khan
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मोबले का स्कूटर बिगड़ गया। सुबह-सुबह स्कूटर निकालकर चले ही थे कि मौलाना साहब के दरवाजे़ तक पहुँचते-पहुँचते वह ‘घुर्र-घुर्र’ करके बंद हो गया। स्कूटर अभी नया था। उसे ख़रीदे ...

પ્રેમ
by મનસુખભાઈ મીસ્ત્રી .
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મીના  આજે ખરેખર પરી જેવી લાગતી હતી. આજે છવ્વીસમી જાન્યુઆરી હોવાથી તે ખાસ તૈયાર થઈ ને ઓફીસ આવી હતી. આમતો તે કાયમ કપડાં માટે ખાસ ધ્યાન રાખતી. મીના  એક ...

माझा शंतनु भाग ६ - Last Part
by Prevail Pratilipi
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नेहाच्या मनात ती न्यूज आठवली जी आपण पहिली होती त्यात आपला शांतनू होता तर तिला खूप वाईट वाटलं. "तू कशी आहेस...??" ह्या प्रश्नाला तिच्या तोंडून उत्तर बाहेर पडत नव्हतं ...

ईश्वर कृपा
by Rajesh Maheshwari verified
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                                          ईश्वर कृपा   जबलपुर शहर में सेठ राममोहन दास नाम के एक मालगुजार रहते थे। वे अत्यंत दयालु, श्रद्धावान, एवं जरूरतमंदों, गरीबों तथा बीमार व्यक्तियों के उपचार पर ...