AVSAN by Ajay Amitabh Suman in Hindi Poems PDF

अवसान

by Ajay Amitabh Suman Matrubharti Verified in Hindi Poems

जिन्हें चाह है इस जीवन में, स्वर्णिम भोर उजाले की,उनके राहों पे स्वागत करते,घटा टोप अन्धियारे भी।इन घटाटोप अंधियारों का, संज्ञान अति आवश्यक है,गर तम से मन में घन व्याप्त हो,सारे श्रम निरर्थक है।ऐसी टेड़ी सी गलियों में,लुकछिप कर ...Read More