अरसा हो गया गुजरे तेरी गली की अंगड़ाई से।। - Dilwali Kudi की कलम से।।

by Dilwali Kudi in Hindi Poems

*अरसा हो गया गुजरे तेरी गली की अंगड़ाई से।*अब चांद से होती गुफ़्तगू की रिहाई से,पा लेते है राहत चंद लम्हो की कटाई से।क्योंकि,अरसा हो गया गुजरे तेरी गली की अंगड़ाई से।।अब वो बात कहा है उन आंखों की ...Read More