garib ka by Monty Khandelwal in Hindi Short Stories PDF

गरीब का

by Monty Khandelwal in Hindi Short Stories

रात केे 9 बज गये थे दुकान बंद करने का समय होगया था सटर को आधा खींच लिया था लेकिन अभि तक गरमा गरम मूंगफली बेचने वाला नहीं आया था तो सोचा तब तक सामान को ठीक से जमाले ...Read More