रुधिचुस्तत्ता ( माँ- बाप का फर्ज)

by Madhuri Vaghasana in Hindi Short Stories

ठीक है पैदा कहा होना है वो तो हमारे हाथ मे माही है रुधिचुस्तता को जितना अपनाओगे उतना आप दूसरों को ज्यादा ही दुखी करोगे। मेरा एक रिलेटिव में भाई है, उसके पापाजी उसके पीछे पड़े थे कुछ द्दिन ...Read More