kavitaye by किशनलाल शर्मा in Hindi Poems PDF

कविताएं

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Poems

दिनचर्या--------------जैसेहवा,पानी,खाना जरूरी हैऐसे ही जरूरत बन गया हैअखबारइसके बिनारहा नही जाातासुबह उठते हीगेट की तरफ नज़रे टिकी रहती हैंअखबार वाले के इन्तजार मेजब तक अखबार नही आतामन बेचैन रहता हैअगर अखबार आने मेजरा भी देर.हो जाये,तो मन मे ...Read More