Benaam shayri - 1 by Er Bhargav Joshi in Hindi Poems PDF

बेनाम शायरी - 1

by Er Bhargav Joshi in Hindi Poems

"बेनाम शायरी"??? ?? ??? ?? ???क्रूर भी है, निष्ठुर भी है, वो खुदा मेरा मगरुर भी है।"बेनाम" हलक में बैठा वो खुदा मेरा गुरूर भी है।।??? ?? ??? ?? ???कोई लफ्जो के मोल यू ही चुकाता रहता है,बिन मौसम ...Read More