din raat - 3 by किशनलाल शर्मा in Hindi Social Stories PDF

विदा रात - 3

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

तब बरखा को एहसास होने लगा कि मात्र भावात्मक लगाव उसकी बने रहने में सहायक नही हो सकता।शारीरिक इच्छा की पूर्ति भी ज़रूरी है।इस इच्छा को पति ही पूरी कर सकता है।वह पुराने जमाने की उन औरतो में से ...Read More