Ek-Apreshit-Patra - 7 by Mahendra Bhishma in Hindi Letter PDF

एक अप्रेषित-पत्र - 7

by Mahendra Bhishma in Hindi Letter

एक अप्रेषित-पत्र महेन्द्र भीष्म वितृष्णा अनार का जूस लेकर जब मैं वापस वार्ड में पहुँची, तो देखा बाबूजी अपनी आँखे बन्द किये झपक चुके थे। उनकी नींद में व्यवधान न हो यह सोचकर मैंने धीरे से जूस वाली थैली ...Read More