mrugtrushna - 2 by Saroj Verma in Hindi Love Stories PDF

मृगतृष्णा--भाग(२)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

विभूति नाथस्वयं ही अपने हृदय की ब्याकुलता को नहीं समझ पा रहा था,सब कुछ होते हुए भी उसके पास कुछ भी नहीं था, उसे अपना जीवन ब्यर्थ सा प्रतीत हो रहा था, उसके मस्तिष्क में विचारों का आवागमन बहुत ...Read More