JAI HO BAKARI MAI by Ajay Amitabh Suman in Hindi Poems PDF

जय हो बकरी माई

by Ajay Amitabh Suman Matrubharti Verified in Hindi Poems

(१) जय हो बकरी माई बकरी को प्रतीक बनाकर मानव के छद्म व्यक्तित्व और बाह्यआडम्बर को परिभाषित करती हुई एक हास्य व्ययांगात्म्क कविता। सच कहता हूँ बात बराबर,सुन ले मेरे भाई,तुझसे लाख टके है बेहतर तेरी ...Read More