Zindagi ki Dhoop-chhanv - 4 by Harish Kumar Amit in Hindi Short Stories PDF

ज़िन्दगी की धूप-छाँव - 4

by Harish Kumar Amit Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

ज़िन्दगी की धूप-छाँव हरीशं कुमार ’अमित' डर शाम को घर पहुँचकर मैंने बहुत डरते-डरते खिलौने का डिब्बा मुन्नू के हाथ में पकड़ाया. उसका जन्मदिन बीते एक हफ़्ता हो गया था, पर उसका पसंदीदा खिलौना उसे जन्मदिन वाले दिन मैं ...Read More