mansoon ki raat by Anurag mandlik_मृत्युंजय in Hindi Short Stories PDF

मानसून की रात..

by Anurag mandlik_मृत्युंजय in Hindi Short Stories

भादों का महीना था और इतने घने बादल छाए हुए थे कि दोपहर में ही ऐसा लगता था मानो रात हो गई हो। घने काले बादल और उसपर से कड़कड़ाती हुई बिजली की चमक रह रह कर हरिराम और ...Read More