HALWA by Abhinav Singh in Hindi Short Stories PDF

हलवा

by Abhinav Singh in Hindi Short Stories

“तुम्हारे पास तो मेरे के लिये वक्त ही नहीं होता। घर पर होकर भी घर पर नहीं होते तुम। यहाँ आकर भी लैपटाप में खोये रहते हो। तुम्हें तो इसी से शादी करनी चाहिये थी।“ सुप्रिया ने सुबह सुबह ...Read More