Shahrikaran ke dhabbe by Neelam Kulshreshtha in Hindi Book Reviews PDF

शहरीकरण के धब्बे

by Neelam Kulshreshtha Matrubharti Verified in Hindi Book Reviews

शहरीकरण के धब्बे मैं कहानी का बहुत अच्छा पाठक नहीं हूं।कारण ये है कि हिन्दी कहाँनियों में संवेदना का समावेश बहुत ज्यादा रहता है विषय भी अक्सर वही वही रहते हैं।आज के बदले हुए युग में जहॉ इन्सान मक्कारी ...Read More