Do balti pani - 27 by Sarvesh Saxena in Hindi Humour stories PDF

दो बाल्टी पानी - 27

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

उधर ठकुराइन अभी अपनी चोटी कटने के दुख से उबरी नही थीं कि पिंकी की चोटी कटने से और सदमे में आ गयीं, जब ये बात स्वीटी को पता लगी तो उसे बहुत खुशी हुई, आखिरकार उसे सुनील पसंद ...Read More