AGOSH by rajendra shrivastava in Hindi Short Stories PDF

आगोश

by rajendra shrivastava in Hindi Short Stories

लघुकथा-- आगोश --राजेन्‍द्र कुमार श्रीवास्‍तव, कमरे का दरवाजा खोलते ही मधु अन्‍दर चली गई, तत्‍काल बाद ही मैं उसके पीछे-पीछे आ गया। वह पंखा, कूलर, ट्यूबलाईट आदि ऑन करने लगी। मैं उसके शरीर ...Read More