स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 8 )

by Siddharth in Marathi Love Stories

माना की थोडी बेबस हु जी लेती हु तेरी छाव मे पर ये ना सोचना की मैं बोझ हु तुझपर मै तो वो हु जीससे तेरा दुनिया मे वजूद है नित्या आतमध्ये पोहोचली नि ...Read More